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तमिळ अभिनेता प्रभु के चलचित्र डुएट का लोकप्रिय गाना कत्तीरिक्का कत्तीरिक्का एक चुहलभरा गीत है। इसे आज के राजनीतिक औचित्य के परिवेश में सीधे सीधे मोटापे को लेकर शर्मिन्दा करना माना जा सकता है। हालांकि गीत में वही भाव निहित है जो कुरकुरे के विज्ञापन में जूही चावला, “टेढ़ा है पर मेरा है” कहकर व्यक्त करती है।
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कत्तीरिक्का कत्तीरिक्का गुण्ड कत्तीरिक्का
कण्णम् रेण्डुम् किल्ल चोल्लुम् कादल बेरिक्का
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बैंगन बैंगन मोटे बैंगन
तुम्हारे दोनों गाल
चिकोटी काटने के लिए बुलाते हैं
प्यारे नाशपाती
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एन्द कडैयिल नी अरिसि वांगरा
वो अड़हला एन उसर वांगरा
उम्म एड अलव पाक्कणों पाक्कणों
उच्चन्तलैक्क मेला तूक्कणों तूक्कणों
अड़हले एनक्क मूच मुट्टणों
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तुम किस दुकान से चावल खरीदते हो
तुम्हारी सुंदरता तो मेरी जान ले रही है
देखना है कि तुम्हारा वजन कितना है
तुम्हें अपने सिर से ऊपर उठाना है
सजीले, मुझे सांस लेनी है
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एड पाकुम मिशीने कण्ड एंग अय्या ऐरी निक्क
कूट्टमा ऐरादेन सीट वन्दचाम्
इंग्लैंड पोहम्बोद एरोप्लेन एरुम्बोद
टिकट रेन्ड वांगचोल्लि नोटिस वन्दचाम
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वजन तोलने की मशीन पर जब तुम चढ़े
तो जो टिकट निकला
“मेरे भैया अकेले चढ़ो, इकट्ठे मत चढ़ो”
इंग्लैंड जाने के लिए तुम विमान में चढे तो
दो टिकट खरीदने का नोटिस आ गया
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आन्दाराविल नी पोरन्दा गुंटूरु पुन वेनू
तमिलनाट्टिल पोरन्ददनाल वतलगुण्ड पेन वेनू
पंजत्तिल कादलकोल्ल उनप्पोल आल दान वेणों
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यदि तुम आंध्रप्रदेश में पैदा होते तो तुम गुंटूर की लड़की चाहते
चूंकि तुम तमिळनाड में पैदा हुए हो इसलिए तुम्हें वतलगुण्ड की लड़की चाहिए
अकाल के समय में तुम जैसा प्रेमी ही चाहिए।
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गुण्डान ओडम्बिलैक्क कुदिरै चवारी सेंजा
कुदिरै दां यलच्च पोचा सोन्नांग वीटिल
ओत्तैयिल नी नडन्दाल ऊरवलम पोगुदुन्नु
ऊरुक्कुल पेचिरिक्क पोहाद रोटिल
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जब मोटे से दुबला होने के लिए
तुमने घुड़सवारी की तो उल्टे घोड़ा ही दुबला हो गया
घरवाले कहते हैं कि
तुम अकेले चलते हो तो
शहर में बातें होने लगती है कि
जुलूस निकल रहा है
इसलिए उन सड़क पर मत जाओ
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कोड़ु कोड़ु देहत्तिल कोडिपोला पिन्नट्टा
कुड़ी विड़ुम कण्णतिल कुडितनम पन्नट्टा
मंजतिल मेत्तै वेण्डाम मार्बिल सायन्द तून्गट्टा?
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क्या मैं तुम्हारी स्थूल देह से लता बनकर लिपट जाऊं
क्या मैं तुम्हारे गालों के गड्ढों में अपना घर बना लूं
मुझे गद्देदार पलंग नहीं चाहिए,
क्या मैं तुम्हारे सीने पर सो जाऊं
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कत्तीरिक्का कत्तीरिक्का गुण्ड कत्तीरिक्का
कण्णम् रेण्डुम् किल्ल चोल्लुम् कादल बेरिक्का
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तमिळ में मोटे के लिए गुण्ड शब्द प्रयुक्त होता है। गुंटुर और वतलगुंड दो अलग अलग स्थानों के नाम हैं किंतु उनमें गुण्ड की ध्वनि होने से श्लेष अलंकार की प्रतीति होती है। गुंडूर पोन्न अर्थात् गुंटूर की कन्या में गुण्ड ओरु पोन्न अर्थात् एक स्थूल कन्या भी ध्वनित होता है। पश्चिमी घाट की तलहटी में बसे वतलगुंड का नाम वेट्रिलई कुण्ड्र से व्युत्पन्न है जिसका अर्थ होता है पान के पत्ते का पर्वत। क्यों न इसी तर्ज पर मोटापे का इतना मज़ाक उड़ाने वाले गीतकार वैरमुत्तु (வைரமுத்து) को वयरु-मुत्तु (வயிறு-முத்து) बुलाया जाए? यह भी श्लेषजनित व्यंग्य है क्योंकि तमिळ में पेट को “वयरु” कहते हैं।
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“एन्द कडैयिल नी अरिसि वांगरा” में वही कटाक्ष है जो हिन्दी में “कौनसी चक्की का आटा खाते हो” कहकर किया जाता है।
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अविवाहित अधेड़ पुरुष को भी तमिळ में उपहासपूर्वक मुत्तिन कत्तीरिक्का अर्थात् अधिक पका हुआ बैंगन कहा जाता है।
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इस गीत में भले ही मोटे पुरुष की तुलना बैंगन से की गयी हो किंतु इसका यह अर्थ नहीं की तमिळों को बैंगन अरुचिकर लगता है। सांबर में तो बैंगन नियमित रूप से डलता ही है किंतु बैंगन से कुछ दूसरे स्वादिष्ट तमिळ व्यंजन भी बनते हैं जैसे कत्तीरिक्का कुड़म्ब, कत्तीरिक्का तोक्क, कत्तीरिक्का गोत्सु, कत्तीरिक्का रसवांगी, एन्नै कत्तीरिक्का, कत्तीरिक्का रसम।
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इस गीत तें भले ही प्रेमिका ने प्रेमी को मोटा बैंगन कहने की धृष्टता की हो पर प्रेमी अपनी प्रेमिका से ऐसी धृष्टता नहीं कर सकता। अजीत के चलचित्र वीरम के एक लोकप्रिय गीत जिंग चिका की इन पंक्तियों से यह बात बखूबी समझी जा सकती है:
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पुलैयार कोइल कोड़ुक्कट्टै पोला
नी कण्णम रेन्ड वेच्चरक कलुत्तक्क मेले
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अर्थात्
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गणेश मंदिर में सजाए गये विशाल मोदकों की तरह
तुम्हारे (मोटे) गाल तुम्हारी गर्दन पर विराजमान हैं।
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यों भी तमिळ सिनेगीतों में जीरो फिगर के बजाय गोलू बोम्मै अर्थात् गोल मटोल गुड़िया जैसी या भरी पूरी देहयष्टि वाली नायिका को सराहा जाता है।
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