Author: Ajay Singh Rawat

मोटे प्रेमी से मीठी चुहल: कत्तीरिक्‍का! कत्तीरिक्‍का!

. तमिळ अभिनेता प्रभु के चलचित्र डुएट का लोकप्रिय गाना कत्तीरिक्‍का कत्तीरिक्‍का एक चुहलभरा गीत है। इसे आज के राजनीतिक औचित्‍य के परिवेश में सीधे सीधे मोटापे को लेकर शर्मिन्‍दा करना माना जा सकता है। हालांकि गीत में वही भाव निहित है जो कुरकुरे के विज्ञापन में जूही चावला, “टेढ़ा है पर मेरा है” कहकर […]

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Ted Translators Badge
नन्‍दिनी

पोन्‍नियिन सेल्‍वन: नन्‍दिनी का पत्र (नन्‍दियिन निरुपम् )

. राजकुमार! मैं अत्‍यंत संकोच और भय के साथ यह पत्र लिख रही हूँ। राज्य की दशा के बारे में कई समाचार मुझ तक पहुँचे हैं। ऐसा लगता है कि आप किसी भी बात पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। रोग से दुर्बल आपके पिता के बार-बार संदेश भेजने पर भी आप तंजावुर नहीं आए […]

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कुंचन नम्‍बियार का वाग्‍वैदग्‍ध्‍य: का अति लोला, नल्‍लद आलि

एक बार कुंचन नंबियार अपने अपने विद्वान मित्र उण्‍णायि वार्यर के साथ प्रात: काल भ्रमण पर निकले थे। मार्ग में उनका सामना स्‍नान के लिए जाती हुई रानी और केश धोने हेतु ताली की पत्तियां लिए उसकी दासी से हो गया। इन दोनों सुंदरियों को देखकर कुंचन नंबियार जोर से बोल पड़े, “कादिल ओला“ (कानों […]

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तमिळ राजनीति में “दलपति” की “विजय” दुन्‍दुभि

. 2026 के चुनाव में जीत का सेहरा तमिळ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता सी जोसेफ विजय के सिर पर बंधा है। अपने प्रशंसकों के बीच “तलपति” के नाम से प्रसिद्ध उनके राजनीतिक दल तमिळगा वेट्रि कड़गम ने 108 सीटों पर जीत हासिल की है। दिलचस्‍प बात यह भी है कि तमिळ में वेट्रि का अर्थ […]

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वैरमुत्तु

वैरमुत्तु का ज्ञान और ज्ञानपीठ की गर‍िमा

वर्ष 2025 के ज्ञानपीठ पुरस्‍कार के ल‍िए तम‍िळ कव‍ि और स‍िने गीतकार वैरमुत्तु को चुना गया है। तम‍िळ उपन्‍यासकार अक‍िलन और जयकांतन के उपरांत ज्ञानपीठ पाने वाले वे तीसरे तम‍िळ साह‍ित्‍यकार हैं। तम‍िळ भाषा के ल‍िए यह पुरस्‍कार चौबीस वर्ष के सुदीर्घ अंतराल पर द‍िया गया है। इसल‍िए एक ओर जहां इस घोषणा से तम‍िळ […]

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Certificate of Appreciation

It feels great to be recognized by Viki Rakuten for whatever little contribution I could made to their popular shows.

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जल्‍लीकट्ट

जल्‍लीकट्ट: तम‍िळ पौरुष की ललकार, आ बैल मुझे मार!

तम‍िळनाड के प्रस‍िद्ध और लोकप्रि‍य उत्‍सव पोंगल की एक पारंपरि‍क व रोमांचकारी क्रीड़ा है जल्‍लीकट्ट। सल्ली मध्यकालीन दक्षिण भारत में प्रचलि‍त एक प्रकार का सिक्का था और तम‍िळ में कट्ट का अर्थ होता है बांधना। जल्ली अथवा स्‍वर्णाभूषणों को बैल के सींगों पर बाँधे जाने का खेल सल्‍लीकट्ट या जल्लीकट्ट कहलाया। जल्लीकट्ट के दूसरे नाम […]

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त्र‍ि‍शूर पूरम

त्र‍िशूर पूरम देखने की उत्‍कंठा: कांता ञानुम् वराम त्र‍िशूर पूरम काणान……

त्र‍िशूर पूरम मलयालम कालगणना के अनुसार मेडम माह (अप्रेल-मई) में चंद्रमा के पूरम नक्षत्र में प्रवेश करने के द‍िन मनाया जाने वाला एक भव्‍य वार्ष‍िक उत्‍सव है। दो सौ वर्ष पूर्व कोच्‍च‍ि के राजा शक्‍तन तांपुरन ने इस उत्‍सव को मनाना प्रारंभ क‍िया था। इसका आयोजन त्र‍िशूर के वडक्‍कनाथन (श‍िव) मंद‍िर में होता है। त्र‍िशूर […]

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