Month: June 2026

कुंचन नम्‍बियार का वाग्‍वैदग्‍ध्‍य: का अति लोला, नल्‍लद आलि

एक बार कुंचन नंबियार अपने अपने विद्वान मित्र उण्‍णायि वार्यर के साथ प्रात: काल भ्रमण पर निकले थे। मार्ग में उनका सामना स्‍नान के लिए जाती हुई रानी और केश धोने हेतु ताली की पत्तियां लिए उसकी दासी से हो गया। इन दोनों सुंदरियों को देखकर कुंचन नंबियार जोर से बोल पड़े, “कादिल ओला“ (कानों […]

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