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जल्‍लीकट्ट

जल्‍लीकट्ट: तम‍िळ पौरुष की ललकार, आ बैल मुझे मार!

जल्‍लीकट्ट पोंगल उत्‍सव की एक रोमांचकारी परंपरा है ज‍िसका शाब्‍दिक अर्थ है बैल के सींगों पर आभूषण बांधना। मध्यकाल और उन्नीसवीं सदी के आरंभ में जल्ली दक्षिण भारत में प्रचलि‍त एक प्रकार का सिक्का था। जल्ली अथवा स्‍वर्णाभूषणों को बैल के सींगों पर बाँधे (कट्ट) जाने के कारण यह जल्लीकट्ट कहलाने लगा। पोंगल के अवसर […]

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