Tag: आदित्य करिकाल

नन्‍दिनी

पोन्‍नियिन सेल्‍वन: नन्‍दिनी का पत्र

. “क्या?! यह कैसे संभव है?” . “उस दिन वह रहस्यमयी ढंग से अदृश्‍य हो गया। जरा सोचिए वह कैसे अदृश्‍य हो सकता था? वंद्यदेवन किसी प्रकार भूमिगत राजकोष में प्रविष्‍ट होने और उसके मार्गों के सभी रहस्यों का पता लगाने में सफल रहा। फिर उसने आपका अनुसरण किया। जैसे ही द्वार खुला उसने पीछे […]

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