तमिळनाड के प्रसिद्ध और लोकप्रिय उत्सव पोंगल की एक पारंपरिक व रोमांचकारी क्रीड़ा है जल्लीकट्ट। सल्ली मध्यकालीन दक्षिण भारत में प्रचलित एक प्रकार का सिक्का था और तमिळ में कट्ट का अर्थ होता है बांधना। जल्ली अथवा स्वर्णाभूषणों को बैल के सींगों पर बाँधे जाने का खेल सल्लीकट्ट या जल्लीकट्ट कहलाया। जल्लीकट्ट के दूसरे नाम […]
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त्रिशूर पूरम मलयालम कालगणना के अनुसार मेडम माह (अप्रेल-मई) में चंद्रमा के पूरम नक्षत्र में प्रवेश करने के दिन मनाया जाने वाला एक भव्य वार्षिक उत्सव है। दो सौ वर्ष पूर्व कोच्चि के राजा शक्तन तांपुरन ने इस उत्सव को मनाना प्रारंभ किया था। इसका आयोजन त्रिशूर के वडक्कनाथन (शिव) मंदिर में होता है। त्रिशूर […]
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