प्रारंभ में ही स्पष्ट करना चाहूंगा कि शीर्षक में उल्लिखित एकलव्य की प्रतिभा और निष्ठा से मेरा कोई सादृश्य नहीं है। किंतु गुरू का अभाव एकमात्र कारण है जो मुझे एकलव्य और अपने लिए एक सा जान पड़ता है। लगभग एक दशक पूर्व तमिळ सीखने की मेरी इच्छा मुझे मलयालम सीखने की ओर ले गयी […]
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