जब भी किसी राजनेता द्वारा सार्वजनिक मंच से हिन्दी के राष्ट्रभाषा होने का दम भरा जाता है या उसके राष्ट्रभाषा बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाता है तो कहीं और से हो न हो तमिळनाड से विरोध का स्वर अवश्य मुखर होता है। हाल ही में भी कुछ ऐसा ही हुआ है किंतु […]
Read More... हम भारतवासियों की रसनालोलुपता या स्वादविलासिता का सबसे अच्छा प्रमाण यह है कि यहां हर प्रदेश के दर्जनों अपने व्यंजन हैं। सामान्यतया दक्षिण भारतीय व्यंजनों का उल्लेख होने पर इडली दोसै का ख्याल सबसे पहले आता है और तमिळनाड के विषय में भी यही सच है। किंतु इडली दोसै के अतिरिक्त भी तमिळनाड के […]
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