1. मारगड़ीत्तिंगल मदि निरैन्दा नन्नालाल नीराडप्पोदुवीर पोदुमिनो नेरिड़ैयीर सीर मलगुम आयप्पाडीच्चेल्वच्चिरूमीरगाल कूरवेल कोडुन्दोड़िलान नन्दगोपन कुमरन् एरान्द कन्नी यसोदै इलम सिंगम कार मेनी सेनगन कदिर मदियम पोल मुगत्तान नारायणने नमक्के पारै तरूवान पारोर पुगड़ाप्पडिन्देलोर एम्पावाय ।। . . अरी सुसज्जित कुमारियों यह मार्गशीर्ष की पूर्णिमा का शुभ दिन है। जो यमुना में स्नान की इच्छुक हैं […]
Read More..प्रसिद्ध तमिळ कवि और सिनेगीतकार कण्णदासन् की कालजयी रचनाओं में से एक है चलचित्र कर्णन् का यह गीत। वीर, दानी और कुन्ती का पुत्र होने के बावजूद कर्ण अभागा ही रहा । यह गीत न केवल कर्ण को कृष्ण की श्रद्धांजलि है बल्कि कर्ण से कृष्ण की क्षमायाचना भी है। हिन्दी में मैथिलीशरण गुप्त ने […]
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